janta ka mnch janta ke liye |
Posted: 17 Mar 2015 08:12 AM PDT मैं ऊपरवाला बोल रहा हूँ, जिसने ये पूरी दुनिया बनाई वो ऊपरवाला. तंग आ चुका हूँ मैं तुम लोगों से, घर का ध्यान तुम न रखो और चोरी हो जाये तो, "ऊपरवाले तूने क्या किया". गाड़ी तुम तेज़ चलाओ और धक्का लग जाये तो, "ऊपरवाले........". पढाई तुम न करो और फेल हो जाओ तो, "ऊपरवाले.........". ऐसा लगता है इस दुनिया में होने वाले हर गलत काम का जिम्मेदार मैं हूँ। आजकल तुम लोगों ने एक नया फैशन बना लिया है, जो काम तुम लोग नहीं कर सकते, उसे करने में मुझे भी असमर्थ बता देते हो! ऊपरवाला भी भ्रष्टाचार नहीं मिटा सकता, मैं तो हवा, पानी, धूप, आदि सबके लिए बराबर देता हूँ, कभी देखा है कि ठण्ड के दिनों में अम्बानी के घर के ऊपर मैं तेज़ धूप दे रहा हूँ, या गर्मी में सिर्फ उसके घर बारिश हो रही है ? उल्टा तुम मेरे पास आते हो रिश्वत की पेशकश लेकर, ये महंगाई किसने बनाई? मैंने पानी बनाया, मैंने जानवर बनाये, मैंने पेड़ बनाये, मैंने आज तक तुम्हें कोई वस्तु बेची? |
Posted: 16 Mar 2015 05:18 PM PDT |
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